परोपकाराय सतां विभूतयः।
अर्थ: सज्जनों की संपत्ति, जैसे संसाधन, शक्ति एवं कर्तव्य, दूसरों की सेवा के लिए होती है, और यही पुण्य, आत्मा शांति, अटका हुआ काम तथा कष्ट मुक्ति का मार्ग है।










Explore our upcoming events and join us in making them a success!
© 2026 Shivnaad Foundation. All rights reserved.
